Back

ⓘ चित्तौडगढ किला भारतक सब सँ बड्का किला छी । ई विश्व सम्पदा क्षेत्र सेहो छी । ई किला चित्तौडक नाम सँ प्रसिद्ध अछि आ मेवारक राजधानी छल आ वर्तमान समयमे चित्तौडगढमे ..




चित्तौडगढ किला
                                     

ⓘ चित्तौडगढ किला

चित्तौडगढ किला भारतक सब सँ बड्का किला छी । ई विश्व सम्पदा क्षेत्र सेहो छी । ई किला चित्तौडक नाम सँ प्रसिद्ध अछि आ मेवारक राजधानी छल आ वर्तमान समयमे चित्तौडगढमे अवस्थित अछि ।

ई किला अपन इतिहासमे बहुतेक उतार-चढाव देखने अछि । ई इतिहासक सब सँ खूनी युद्धसभक गवाह छी । ई तीन महान आख्यान आ पराक्रमक किछ सर्वाधिक वीरोचित कार्य देखने अछि जे अखनो स्थानीय गायकसभद्वारा गाओल जाएत अछि । ई किला तीन बेर १५ आ १६अम शताब्दीक बीच युद्धक गवाह बन्ल अछि; सन् १३०३ मे अल्लाउद्दीन खिलजी राणा रतन सिंहक युद्धमे परास्त केनए छल, सन् १५३५ मे गुजरातक सुल्तान बहादुर साह बिक्रमजीत सिंहक युद्धमे परास्त केनए छल आ सन् १५६७ मे अकबर महाराणा उदय सिंह द्वितीयक परास्त केनए छल जे बादमे एतय सँ भागि उदयपुरक स्थापना केनए छल । सभ बेर सैनिक आ सर्वसाधारण वीरता सँ किलाक रक्षाक लेल प्रतिबद्ध छल मुदा सभ बेर परास्त भेछल । परास्तक बादो तीनो बेर १३,००० सँ बेसी राजपुत महिला आ बच्चासभ जे चित्तौडगढ युद्धमे अपन जान भजेने छल अपन जौहर देखेनए छल । पहिल बेर राणा रतन सिंहक पत्नी रानी पद्मिनी जे सन् १३०३ क युद्धमे मारल गेछल आ बादमे रानी कर्णावती सन् १५३७ क युद्धमे मारल गेछल ।