Back

ⓘ लिपि या लेखन प्रणालीक अर्थ होइत अछि कोनो भी भाषाक लिखावट या लिखैक ढङ्ग। लिपि आ भाषा दुई अलग चीज होइत अछि । भाषा ओ चीज होइत अछि जे बोलल जाइत अछि, लिखाईके तँ कोनो ..




                                               

मारवाड़ी भाषा

मारवाडी राजस्थानमे बाजय जाए वाला एक क्षेत्रीय भाषा छी। ई राजस्थान के एक मुख्य भाषासभमे सँ एक अछि। मारवाडी गुजरात, हरियाणा आ पूर्वी पाकिस्तानमे सेहो बाजल जाइत अछि। एकर मुख्य लिपि देवनागरी छी। एकर अनेकौं उप-बोलीसभ सेहो अछि। मारवाडी के स्वयम् के कोनो लिपि जेकरा मोडिया लिपि सेहो अछि। मुद्दा ई लिपि के विकासमे राजपुताना राजरस्थान के राजा-महाराजा वर्तमानमे राजस्थान राज्य आ राजस्थान सरकार कोनो विशेष ध्यान नै देलक। पिछला ४०-५० सालसभसँ ई भाषा के विकास पर बातसभ तँ बहुत होइत रहल अछि मुद्दा कार्य के मामलामे कोनो विशेष प्रगति नै देखल गेल। ई दिनसभ सन् २०११ सँ कोलकाता के श्री शम्भु चौधरी ई दिशामे बहुतरास ...

                                               

कैथी

कैथी एक ऐतिहासिक लिपि छी जकर मध्यकालीन भारतमे प्रमुख रूप सँ उत्तर-पूर्व आ उत्तर भारतमे बहुतेक बृहत रूप सँ प्रयोग कएल जाइत छल । मुख्यतया आजुक उत्तर प्रदेश आ बिहार राज्यक क्षेत्रसभमे ई लिपिमे वैधानिक आ प्रशासनिक काज कएल गेल प्रमाण पर्याप्त भेटैत अछि । ई लिपिकें कयथी या कायस्थी, कऽ नाम सँ सेहो जानल जाइत अछि । पूर्ववर्ती उत्तर-पश्चिम भारत, मिथिला, बङ्गाल, उड़ीसा आ अवध क्षेत्रमे ई लिपिकें प्रयोग कएल गेल इतिहास रहल अछि । एकर प्रयोग प्रमुख रूपसँ न्यायिक, प्रशासनिक आ निजी तथ्याङ्क सङ्ग्रहणमे कएल जाइत छल ।

                                               

वर्णमाला

कोनो एक भाषा या अनेक भाषासभके लिखैक लेल प्रयुक्त मानक प्रतीकसभक क्रमबद्ध समूहके वर्णमाला कहैत अछि। उदाहरणक लेल देवनागरीक वर्णमालामे अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ऋ, लृ, लृ्, ए, ऐ, ओ, औ, अं, अः, क, ख, ग, घ, ङ । च, छ, ज, झ, ञ । ट, ठ, ड, ढ, ण । त, थ, द, ध, न । प, फ, ब, भ, म । य, र, ल, व । श, ष, स आ हके देवनागरी वर्णमाला कहैत अछि आ a, b, c, d. z के रोमन वर्णमाला कहैत अछि । वर्णमाला एहि मान्यता पर आधारित अछि कि वर्ण, भाषामे आबैवाला मूल ध्वनिसभ स्वनिम या फोनिमक प्रतिनिधित्व करैत अछि । ई ध्वनिसभ या त ओ अक्षरसभक वर्तमान उच्चारण पर आधारित होइत अछि या फेर ऐतिहासिक उच्चारण पर । मुदा वर्णमालाक मात्र लिखैक अन्य ...

                                               

बज्जिका

भाषा परिवार: लिपितिरहुत लिपि,देवनागरी,कैथी भाषा कोड:आइएसओ ६३९-३– भाषाविद् सूची मै-बज् बज्जिका मैथिली भाषाक बोली छै । इ भाषा नेपालक रौतहट आ भारतक बिहार प्रान्तक चम्पारण तथा मुजफ्फरपुर जेहन उत्तरपुरवीया भागमें बोलल जाइछै ।

                                               

तुलु भाषा

तुलु भारतक कर्नाटक राज्यक पश्चिमी किनारमे अवस्थित दक्षिण कन्नड़ आ उडुपी जिलासभ तथा उत्तरी केरलक किछ जगहमे प्रचलित भाषा छी । पहिने तुलु ब्राह्मण वैदिक आ संस्कृत साहित्य लिखऽक लेल तिगलारी नामक लिपिक उपयोग करैत छल । लेकिन बहुत कम साहित्य तुलु भाषामे भेटल अछि । मुदा आजुक समयमे एही लिपिक बुझ्निहार बहुत कम अछि । पुरान तिगलारी लिपि मलयालम लिपिसँ बहुत मिलैत अछि । आब तुलु लिखऽक लेल कन्नड़ लिपिक प्रयोग कएल जाइत अछि । ई पञ्च द्राविड भाषासभमेंसँ एक छी । दक्षिण कन्नड आ उडुपी जिलासभक अधिकांश लोकसभक मातृभाषा तुलु अछि । एहि कारण ई दुनु जिला सम्मिलित रूपसँ तुलुनाडु नामसँ जानल जाइत अछि । केरलक कासरगोड जिलास ...

                                               

जर्मन भाषा

जर्मन भाषा सङ्ख्याक अनुसार युरोपक सभसँ अधिक बाजल जाइवाला भाषा छी । ई जर्मनी, स्विट्जरल्यान्ड आ अस्ट्रियाक मुख्य- आ राजभाषा छी । ई रोमन लिपिमे लिखल जाइत अछि । ई भारोपेली भाषा परिवारमे जर्मनीक शाखामे आबैत अछि । अङ्ग्रेजीसँ एकर नजदिकी सम्बन्ध अछि । मुदा रोमन लिपिक अक्षरसभक एकर ध्वनिसभक संग मेल अङ्ग्रेजीसँ बढिया अछि । आधुनिक मानकीकृत जर्मन कs उच्च जर्मन कहैत अछि । जर्मन भाषा भारोपीय परिवारक जर्मेनिक वर्गक भाषा, सामान्यत: उच्च जर्मनक ओ रूप छी जे जर्मनीमे सरकारी, शिक्षा, प्रेस इत्यादीक माध्यम अछि । ई अस्ट्रियामे सेहो बाजल जाइत अछि । एकर उच्चारण १८९८ ई. कs एक कमीशन द्वारा निश्चित अछि । लिपि, फ्रे ...

लिपि
                                     

ⓘ लिपि

लिपि या लेखन प्रणालीक अर्थ होइत अछि कोनो भी भाषाक लिखावट या लिखैक ढङ्ग। लिपि आ भाषा दुई अलग चीज होइत अछि । भाषा ओ चीज होइत अछि जे बोलल जाइत अछि, लिखाईके तँ कोनो भी लिपिमे लिख सकैत छी । कोनो एक भाषाक ओकर सामान्य लिपि सँ दोसर लिपिमे लिखनाए, ओहि तरहक वास्तविक अनुवाद नै भेल होए, ओकरा लिप्यन्तरण कहल जाइत अछि ।

यद्यपि संसार भरिमे प्रयोग भ रहल भाषासभक सङ्ख्या अखनो हजार सँ बेसी अछि, तथापि अखन ई भाषासभ लिखैक लेल मात्र लगभग दुई दर्जन लिपिसभक मात्र प्रयोग भ रहल अछि । आर गहराईमे पहुचला पर पता चलैत अछि कि संसारमे मात्र तीन प्रकारक मूल लिपिसभ या लिपि परिवार अछि-

  • चित्रलिपि ideographic scripts - चीन, जापान आ दक्षिण कोरियामे प्रयुक्त लिपिसभ,
  • ब्राह्मी सँ व्युत्पन्न लिपिसभ - देवनागरी तथा दक्षिण एसिया आ दक्षिण-पूर्व एसियामे प्रयुक्त लिपिसभ ; तथा
  • फोनेसियन Phonecian सँ व्युत्पन्न लिपिसभ - सम्प्रति युरोप, मध्य एसिया आ उत्तरी अफ्रिकामे प्रयुक्त लिपिसभ
                                     
  • व श व सस स र गन नड कह त अछ कन नड भ ष क छ स लस उपय गम अछ कन नड ल प क छ स लस उपय गम अछ कन नड अन य द रव ड भ ष सभक प रक र छ त ल ग
  • ह न द - य र प ल ह न द - फ रस ह न द आर य प रव य ब ह र बज ज क ल प त रह त ल प द वन गर क थ भ ष क ड: आइएसओ - भ ष व द स च म - बज बज ज क म थ ल भ ष क
  • ह न द - य र प य भ ष - पर व र क र म न स श ख म आव त अछ एकर जनन ल य ट न छ एकर ल प र मन ल प छ ई स व जरल य ण ड क द ईट क य ण टन क स ह र ष ट र यभ ष छ क र स क
  • लक षद व प तथ अन य द शसभम ब सल मलय ल सभद व र ब जल ज इत अछ मलय लम भ ष आ ल प क व च रस तम ल भ ष क अध क न कट अछ एह पर स स क तक प रभ व ईस क प र व
  • बङ ग ल आस म उड य आ न प ल स एकर न कट सम बन ध अछ ई भ ष क अपन त रह त ल प अछ म द ह ल एकर प रय ग न य न द खल ज इत अछ ह ल म थ ल भ ष द वन गर म
  • भ टल अछ म द आज क समयम एह ल प क ब झ न ह र बह त कम अछ प र न त गल र ल प मलय लम ल प स बह त म ल त अछ आब त ल ल खऽक ल ल कन नड ल प क प रय ग कएल
  • ब लक छ ई भ रतक ब ह र आ न प लक तर ईम ब जल ज इवल म थ ल भ ष क प र थम क ल प छ Unicode character database The Unicode Standard, अभ गमन त थ - -
  • स ह ब जल ज इत अछ एकर उच च रण ई. कs एक कम शन द व र न श च त अछ ल प फ र न च आ अङ ग र ज स म ल त - ज ल त अछ वर तम न जर मनक शब द द म अघ त भ ल
  • ऐत ह स क म थ ल सभ यत क क न द रव न द छ आ स ग ई शहरक अपन भ ष म थ ल आ ल प त रह त स ह अछ जनकप रध मक आर अन य व श षत एतय रहल प खर आ क ण डसभ छ
  • ह न द आ ब द ध धर मक क रण खम र भ ष पर स स क त आ प ल क गह र प रभ व अछ खम र ल प SEAlang Project: Mon - Khmer languages. The Khmeric Branch Ethnologue entry
  • म ड ल प
  • आव ष क र ह मएस पह न एहन नम बर द बsक ल ल स क ड क सङ ख य म व भ न न सङ क त ल प प रण ल सभ छल क न एक सङ क त ल प म पर य प त अक षर न भs सक त अछ : उद हरणक

Users also searched:

...
...
...