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ⓘ भोज परमार वंश कऽ नव अम राजा छल । परमार वंशीय राजा मालवा कऽ राजधानी धारानगरी सँ आठअम शताब्दी सँ लऽ चौध अम शताब्दी पूर्वा तक राज्य केने छल । भोज बहुतसँ युद्ध केलक ..




                                               

भोज ताल

किम्बदन्ती अनुसार राजा भोज भोपाल उनकर नामसँ नामांकृत भोजपालसँ अपभ्रंश भई बनल सहरक स्थापना संग तालक सेहो निर्माण कराने छल । उनकर नामसँ ई तालक नाम भोज ताल रखालक ।

भोज
                                     

ⓘ भोज

भोज परमार वंश कऽ नव अम राजा छल । परमार वंशीय राजा मालवा कऽ राजधानी धारानगरी सँ आठअम शताब्दी सँ लऽ चौध अम शताब्दी पूर्वा तक राज्य केने छल । भोज बहुतसँ युद्ध केलक आ अपन प्रतिष्ठा स्थापित केलक जेस सिद्ध होएत अछि हुन्कामे असाधारण योग्यता छल । यद्यपि हुनकर जीवनक अधिकांश युद्धक्षेत्र मे बीतल तथा अपन राज्य क उन्नति मे कोनो प्रकार कऽ बाधा नै उत्पन्न होएदेलक। ओ मालवा कऽ नगर एवम ग्राममे बहुत सँ मन्दिर बनवालक, यद्यपि ओहिमे सँ अब बहुत कमक पता चलैत अछि ।

                                     

1. परिचय

राजा भोज मुन्ज कऽ छोट भाई सिन्धुराज कऽ पुत्र छल । रोहक हिनकर प्रधान मन्त्री आ भुवनपाल मन्त्री छल । कुलचन्द्र, साढ़ तथा तरादित्य हिनकर सेनापति छल जेकर सहायतासँ भोज राज्यसंचालन सुचारु रूप सँ केलक। अपने चाचा मुन्ज कऽ भाँति इ सेहो पश्चिमी भारतमे एक साम्राज्य स्थापित करै चाहैत छल आ ई इच्छा की पूर्ति कऽ लेल ओ अपन पड़ोसी राज्य सँ हर दिशा मे युद्ध करै पडल ।