Back

ⓘ पन्ना नाइक गुजराती भाषाक भारतीय कवयत्री आ कहानीकार छी, जे सन् १९६० सँ संयुक्त राज्य अमेरिकाक फिलाडेल्फियामे रहैत अछि। स्थानीय विश्वविद्यालयमे काम करैत ओ अपन आसप ..




पन्ना नाइक
                                     

ⓘ पन्ना नाइक

पन्ना नाइक गुजराती भाषाक भारतीय कवयत्री आ कहानीकार छी, जे सन् १९६० सँ संयुक्त राज्य अमेरिकाक फिलाडेल्फियामे रहैत अछि। स्थानीय विश्वविद्यालयमे काम करैत ओ अपन आसपासक दुनिया सँ तैयार कएल गेल कवितासभ लिखलक। हुनकर पुस्तक प्रवेश क आलोचनात्मक प्रशंसा भेटल आ ओ तखने सँ बहुत रास कविता सङग्रह प्रकाशित केनए छल।

                                     

1. जीवनी

पन्ना नाइकक जन्म २८ दिसम्बर सन् १९३३ क बम्बई एखन मुम्बई मे धीरजलाल मोदी आ रतनबेनक घर भेछल । हुनकर दादा छगनलाल मोदी १८५७-१९४६ बडोदा राज्य क शिक्षा निरीक्षक छल आ ओ लोकप्रिय ऐतिहासिक कथा इरावती लिखने छल। हुनकर परिवार सूरत सँ छल। हुनकर माता रतनबेन गुजराती आ संस्कृत धार्मिक आ धर्मनिरपेक्ष कवितासभ कऽ पाठ केनए छल, जेहि सँ हुनका कवितामे रुचि बढल छल। ओ अपन अध्यन बी.ए. सन् १९५४ मे आ सन् सन् १९५६ मे अपन एम.ए. गुजराती आ संस्कृत सँ सेन्ट जेवियर्स कलेज बम्बई विश्वविद्यालय एखन मुम्बई विश्वविद्यालय सँ केलक। सन् १९६० मे, ओ विवाह क संयुक्त राज्य अमेरिका चलि गेल। ओ सन् १९६२ मे ड्रेक्सेल युनिवर्सिटी, फिलाडेल्फिया सँ पुस्तकालय विज्ञान मे विज्ञान स्नातकोत्तर पुरा केलक। आ फेर सन् १९७३ मे दक्षिण एसियाई अध्ययनमे विज्ञान स्नातकोत्तर पेन्सिल्वेनिया विश्वविद्यालय, फिलाडेल्फिया सँ केलक। ओ सन् १९६४ सँ सन् २००३ धरि पेन्सिल्वेनिया विश्वविद्यालयमे वान पेल्ट लाइब्रेरीमे पुस्तकालय अध्यक्ष आ ग्रन्थकारक रूपमे कार्य केलक। ओकर बाद सन् १९८५ सँ सन् २००२ धरि गुजरातीक प्रोफेसर रहल। हुनकर पति निकुल नाइक क सन् २००४ मे निधन भा गेल छल। सन् २०१५ मे, ओ एकाउन्टेन्ट नटवर गान्धीक साथ भावनात्मक रूप सँ सम्मलित छल।

                                     

2. कविता

पन्नाक कवितामे आधुनिक शहर आ विदेशी देशमे रहैवाली महिलाक भावनासभक दर्शाएल गेल अछि। ओ पुरुषसभक साथ ओकरसभक सम्बन्धसभ, विवाहित जीवनक भ्रम, आशासभ आ पिडितासभक अपन कवितासभमे कैद करैत अछि। ओ अमेरिकी कवि ऐनी सेक्सटन सँ प्रभावित अछि जकर लव पोयम्स सन् १९६७ मे हुनका कविता लिखए क लेल प्रेरित केलक। ओ भारतीय आ पश्चिमी काव्य परम्परासभ सँ प्रेरणा लैत अछि। हुनका पहिल कविता सङग्रह प्रवेश सन् १९७५ छल जहि हुनका प्रशंसा भेटल छल। फिलाडेल्फिया सन् १९८१, निस्बत सन् १९८१, अर्सपरास सन् १९८१, अवनजवन सन् १९९१, रङ्ग जरुखे सन् २००५, चेरी ब्लसम सन् २००४, केटलक काव्यो सन् १९९० हुनकर कविता सङग्रह छी। सुरेश दलाल द्वारा सम्पादित अब तो बात फैल गई मे हुनकर निबन्धक सङकलन अछि।