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ⓘ ज्ञानु राणा एकटा गायिका आ एकटा रियालिटी शो के जज छि, जेकर जन्म नेपालक काठमाण्डौ के ठमेल में भेल छल। ओ एकटा नेपाली गायक, नारायण गोपाल के सँगे सिरी माँ सिरी नि का ..




ज्ञानु राणा
                                     

ⓘ ज्ञानु राणा

ज्ञानु राणा एकटा गायिका आ एकटा रियालिटी शो के जज छि, जेकर जन्म नेपालक काठमाण्डौ के ठमेल में भेल छल। ओ एकटा नेपाली गायक, नारायण गोपाल के सँगे "सिरी माँ सिरी नि कान्छा" आ "मान्छे को माया यहाँ" जेहन युगल गीत लिखने आ गऔने अछि।

                                     

1. प्रारम्भिक जीवन आ शिक्षा

राणा एकटा प्रसिद्ध कवि आ प्रसिद्ध लोक गायक धर्मराज थापा के बेटी छि। हुनकर पिता रेडियो नेपाल में काम केनए छल आ ओकर पश्चात नेपाल एकेडेमी के सदस्य नियुक्त कएल गेल, जे नेपाली संस्कृति के प्रचार आ विकासक लेल एक नेपाली सरकारी संस्था छल। हुनकर माँ सावित्री थापा, धर्मराज सावित्री थापा लोक साहित्य गुठी के संस्थापक छि, जे नेपाली लोक गीत आ संस्कृति के बढावा देए के लेल एकटा मञ्च छि।

राणा, नेपाल के पोखरा के बाटुलेचौर में पलल्-बढल्, आ ओतय प्राथमिक स्तर धरि पढाई केलक। पश्चात में ओ उच्च अध्ययनक लेल काठमाण्डौ चलि गेल। ओ सन् १९६५ में अपन शिक्षा पूरा केनए छल, जखन कि पद्म कन्या, डिल्लीबजार में भर्ना भेल। ओ सन् १९६७ सँ १९६८ के बीच में बङ्गलादेश के मर्मेनसिंह के भारतेश्ववरी होम्स में गृह विज्ञान की पढाई केलक आ सन् १९७० में त्रिभुवन युनिभर्सिटी अफ नेपाल सँ इन्टरमेडिएट स्तर के परीक्षा पास केलक। सन् १९७७ में, ओ एम. एस. युनिभर्सिटी, बडोदरा, भारत में म्यूजिक कलेज, बडोदरा में प्रशिक्षण लेनए छल। सन् १९८२ में ओ इलाहाबाद, भारत के प्रयाग संगीत समिति सँ प्रथम श्रेणी में वरिष्ठ स्तर के डिप्लोमा प्राप्त केलक।

                                     

2. करियर

राणा बचपन सँ ही संगीत में सक्रिय रूप सँ सम्मिलित रहल् अछि। हुनकर पिता, प्रसिद्ध लोक गायक धर्मराज थापा, ओ समय एकमात्र सरकारी रेडियो स्टेशन, रेडियो नेपाल पर विभिन्न कार्यक्रमसभ में भाग लैऽ छल। अपन पिता के जेना हुनका सेहो लोकगीतसभ में एकटा खासियत अछि, मुद्दा ओ आधुनिक गीतसभ आ पप गीतसभ के गीत में सेहो माहिर अछि। अखन धरि ओ नेपाली, हिन्दी आ उर्दू भाषासभ के साथ-साथ नेपाल के स्थानीय भोजपुरी, मैथिली आ नेवारी भाषासभ में २००० सँ अधिक गीत रेकर्ड करि चुकल् अछि। हुनकर गीतसभ में आधुनिक, शास्त्रीय, लोक गीत, भजन आ विभिन्न प्रकृति के गजल समावेश अछि।

श्रीमती राणा के गीत रेडियो नेपाल, स्थानीय एफएम च्यानल, नेपाल टेलिभिजन आ नेपाल के अनेकौं अन्य टिभी च्यानल पर पिछला चालीस वर्ष सँ प्रसारित होइत अछि।